एक नकली पहचान लेकर मर्द के जिस्म मे एक औरत की तड़पती आत्मा मुझे पुरुष शरीर से मुक्ति की राह ढूंढ रही थी।एक व्यर्थ का लिंग था!मेरी दोनों जांघों के बीचलेकिन उसी के नीचे मेरी योनि छुपी थी उसी के रास्ते लड़कियों की तरह लघु शंका करती थी।बाईस साल की होते होते लिंग पूरा सिमट गया।कासमेटिक सर्जरी से हटवा दिया गया।अब मेरी योनि सही आकार ले चली थी, ।आवाज बहुत तीखी खनकदार ,महीन हो गई,चेहरे पर बहुत चिकनाई आ गई,सीने पर भरे पूरे उभार आने लगे तो ब्रेसियर पहनने की जरूरत हो गई .